पेरियवाच्चान पिळ्ळै
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः तिरुनक्षत्र : श्रावण मास , रोहिणि नक्षत्र अवतार स्थाल : सेंगनूर आचार्य : नम्पिळ्ळै शिष्य : नायनाराचान पिळ्ळै ,वादि केसरि अळगिय मणवाळ जीयर्, परकाल दास इत्यादि पेरियवाच्छान पिळ्ळै, सेंगणूर मे, श्री यामुन स्वामीजी के पुत्र “श्री कृष्ण” के रूप मे अवतरित हुए और पेरियवाच्चान पिळ्ळै के नाम से … Read more